पाकिस्तान के पूर्व राजदूत ने भारत के समर्थन में दिया ये बयान

अमेरिका में पाकिस्तान के पूर्व राजदूत हुसैन हक्कानी ने भारत के सुर में सुर मिलते हुए कहा की आतंकवाद और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकती। हक्कानी के इस बयान से साफ है की उसने आतंकवाद पर भारत के उस रुख का समर्थन किया है जिसमे उसने कहा था कि आतंकवाद और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकती है।

एक प्रेस वार्ता के दौरान हक्कानी ने कहा, जब तक इस्लामाबाद अपनी सरजमीं से आतंकवादी ठिकानों को हटा नहीं देता तब तक दोनों देशों के बीच कोई भी उच्चस्तरीय बातचीत  निरर्थक रहेगी।

हक्कानी बोलें,  पाकिस्तान की भारत के साथ वार्ता की हालिया पहल को उस पर पड़ रहे आर्थिक एवं अंतरराष्ट्रीय दबाव के परिप्रेक्ष्य में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘1950 से दिसंबर, 2015 के बीच दोनों देशों के नेताओं ने 45 बार मुलाकात की।  लेकिन इन बातचीत से कभी भी स्थायी शांति कायम नहीं हो पायी, वार्ता के दरवाजों को कभी भी स्थायी रूप से बंद नहीं माना जाना चाहिए’।

उनका यह बयान किर्गिस्तान में 13 – 14 जून को आयोजित हो रहे ‘शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन’ से पहले आया है। भारत और पाकिस्तान क्षेत्रीय सुरक्षा समूह का हिस्सा हैं और दोनों देशों के नेता बिश्केक में होने वाली बैठक में हिस्सा ले रहे हैं।

बता दें अभी हाल ही में अमेरिका ने साफ किया है कि दक्षिण एशिया में स्थायी शांति की जिम्मेदारी पाकिस्तान पर है। अमेरिका के मुताबिक उनके यहां फल फूल रहे आतंकी संगठिनों पर कारगार तरीके से कार्रवाही करने के बाद ही भारत से बातचीत का माहौल तैयार कर सकता है।