हत्यारे पति को आजीवन कारावास की सजा

देहरादून: चाकू से गोदकगूर पत्नी की हत्या करने के आरोपी शिक्षक को अपर जिला न्यायाधीश प्रथम आरके खुलबे ने दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी पर पाँच हजार रूपये का जुर्माना भी लगाया है। दोषी ने वारदात के दिन ही आत्माहत्या का प्रयास किया था । जिसमें उसे छह माह के कारावास की सजा सुनाई गई है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता एसके धर ने बताया कि 20 अप्रैल 2016 को रायपुर थाने में विनोद डंगवाल ने अपनी रिश्ते कि बहन कि बहन कि हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। डंगवाल ने बताया था कि उसके भांजे अनिरुद्ध ने 19 अप्रैल 2016 कि रात में अपनी मां मीनाक्षी तिवारी कि हत्या सूचना दी थी । हत्या का आरोप मीनाक्षी के पति सुधीर तिवारी पर था । आरोप था कि सुधीर तिवारी और मीनाक्षी के बीच वारदात कि रात में झगड़ा हुआ था । इसी झगड़े में सुधीर ने सब्जी काटने वाले चाकू से अनगिनत वार कर उसे लहूलुहान कर दिया। जिससे थोड़ी देर बाद उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी । इसके बाद सुधीर ने भी खुद का गला काटने का प्रयास किया , लेकिन जब विफल हुआ तो उसने जहरीला जहर पीकर अत्महत्या का प्रयास किया था। पुलिस ने 20 अप्रैल 2016 को ही सुधीर को गिरफ्तार कर लिया था। अधिवक्ता एसके धर ने बताया कि अभियोजना की ओर से इस मामले में कुल 13 गवाह पेश किए गए। जबकि बचाव पक्ष की ओर से सुधीर के अलावा और कोई गवाह उसके पक्ष में नहीं आया । ऐसे में न्यायालय ने सुधीर को आईपीसी की धारा 302 हत्या में आजीवन कारावास और पाँच हजार रूपये की सजा सुनाई है। जबकि आईपीसी 309 अत्महत्या का प्रयास में उसे छह माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई गई। दोनों सजा साथ-साथ चलेंगी।