सिर्फ एक फेसबुक पोस्ट से श्रीलंका में भड़की हिंसा

रिपोर्ट के मुताबिक श्रीलंका के पुत्तलम जिले में दंगाइयों ने 45 साल के दुकान पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया. इस घायल शख्स को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई. इस इलाके में दंगाइयों ने मस्जिदें जला दी और मुसलमानों के घरों पर हमला किया. पुलिस ने बताया कि ये लोग डंडों से लैस थे और हथियार लिए हुए थे. श्रीलंका में लगातार ही लोग हिंसक होते जा रहे हैं. किसी एक धर्म को लेकर बढती उनकी नफरत देश के लिए घातक होती जा रही है. यहाँ हिंसा एक फेसबुक पोस्ट के बाद भड़की है, सरकार ने तुरंत सोशल मीडिया पर बैन लगा दिया है.

फेसबुक पोस्ट से बढ़ी नफरत 

डेली मेल के मुताबिक श्रीलंका में हिंसा एक फेसबुक पोस्ट के बाद शुरू हुई. इस फेसबुक पोस्ट में एक मुस्लिम दुकानदार ने लिखा था, “ज्यादा हंसो मत, एक दिन तुम रोओगे.” इस फेसबुक पोस्ट के जारी होने के बाद श्रीलंका उत्तर पश्चिम चिलाव में तनाव फैल गया. ईसाई समुदाय के कुछ लोगों ने मुस्लिम समुदाय के दुकानों, घरों और मस्जिदों पर हमला कर दिया. हालात बिगड़ता देख प्रशासन ने तुरंत सोशल मीडिया पर बैन लगा दिया. सोशल मीडिया बहुत बार ऐसे हिंसा का कारण बना है. लोगों की घटती तर्क शक्ति और सोशल मीडिया के प्रति लोगों का बढ़ता विश्वास हालात ज्यादा ख़राब बना रहे हैं. कभी-कभी सकरात्मक असर देखने को मिलता है परन्तु ऐसी एक भी घटना होती है तो सोशल मीडिया पर सवाल उठाना ज़रूरी हो जाता है. वैसे गलती हमारी है की बिना सोचे-समझे हम कुछ भी मान लेते हैं. किसी भी प्रकार की कोशिश नहीं करते हम सच का पता लगाने का.

 

प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने देश को संबोधित किया, पुलिस व सेना को दी खुली छूट

हालात बिगड़ता देख प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने आनन-फानन में देश को संबोधित किया. विक्रमसिंघे ने कहा कि सुरक्षाबलों और पुलिस की शक्तियों में इजाफा कर दिया गया है. विक्रमसिंघ ने कहा, “उत्तर पश्चिम प्रांत में कुछ संगठन अशांति फैला रहे हैं, उन्होंने तोड़-फोड़ की है. सुरक्षा बलों ने हालात काबू में किया है, ये संगठन देश भर में अशांति फैला रहे हैं इसलिए देश भर में कर्फ्यू लगाने का निर्णय लिया गया है.” आर्मी चीफ महेश सेनानायक ने कहा है कि सैनिकों को कर्फ्यू का उल्लंघन करने वालों से कड़ाई से निपटने का निर्देश दिया गया है. उन्होंने कहा कि यदि कोई निषेधाज्ञा का उल्लंघन करता है तो सेना उसे देखते ही गोली मार देगी.

 

आंखे खोलो, राजनीतिक प्रोपगैंडा के शिकार मत बनो – संगकारा 

इस बीच श्रीलंका के क्रिकेटर कुमार संगकारा ने एक ट्वीट कर देश को लोगों से हिंसा छोड़ने की अपील की है. संगकारा ने एक भावुक अपील में कहा है कि देश के लोगों को अपनी आंखें खोलना चाहिए और सोचना चाहिए कि वे विभाजनकारी राजनीतिक एजेंडे के शिकार हो रहे हैं. ज्ञात हो की श्रीलंका क्रिकेट टीम भी पाकिस्तान में एक बार आतंकवाद का सामना कर चुकी है, जब श्रीलंका क्रिकेट टीम पर हमला हुआ था. संगकारा समेत कई खिलाडी उस हमले में घायल भी हो गए थे.

NTJ के सदस्यों का हो पुनर्वास

इस बीच श्रीलंका के मुस्लिम सांसद कादर मस्तान ने नेशनल तवाहीद जमात के सदस्यों को तुरंत सरेंडर करना चाहिए और उनका पुनर्वास किया जाना चाहिए.  उन्होंने तर्क दिया कि श्रीलंका की सरकार ने लिट्टे के सदस्यों का भी पुनर्वास किया था और यही नीति उसे नेशनल तवाहीद जमात के सदस्यों के साथ भी अपनानी चाहिए. बता दें कि देश में 21 अप्रैल को तीन गिरजाघरों और तीन लक्जरी होटलों में हुए आत्मघाती हमलों में 253 लोगों की मौत हो गई थी और 500 से अधिक लोग घायल हो गए थे. इन हमलों के बाद से देश में हिंसा की घटनाएं बढी हैं. भारत ने श्रीलंका सरकार को लिट्टे से लड़ने में काफी सहयोग किया था. उसके अंत तक भारत श्रीलंका के साथ था.