बेटियां फाउंडेशन ने जरुरतमंद महिलाओं को बांटे सैनेटरी पैड

भारत सरकार की जन औषधि सुविधा के तहत चलाया अभियान

दिल्ली (रोहिणी):भारत सरकार के स्वच्छ भारत अभियान के तहत बेटियां फाउंडेशन राष्ट्रीय एनजीओ ने गरीब वर्ग की महिलाओं को सैनेटरी पैड्स वितरीत करके बेहतर कल बनाने में अपना योगदान दिया । बेटियां    फाउंडेशन की अध्यक्ष डॉक्टर ज्योत्सना जैन व उनकी टीम ने जरूरतमंद महिलाओं और बच्चियों को सैनेटरी बांटे । इस मौके पर महिलाओं को महावारी के दिनों की परेशानी और स्वास्थय संबंधी बहुमूल्य जानकारी दी गई।

सैनिटरी नैपकिन क्या है और इसका इस्तेमाल कैसे करें ?

एक “सैनिटरी नैपकिन” या “सैनिटरी पैड” का अर्थ है एक ऐसा सोखने वाला पैड जिसे आप अपने मासिक धर्म के दौरान मासिक धर्म के रक्त को सोखने के लिए पहनती हैं। आपके मासिक स्राव और पसंद के आधार पर, एक उचित मोटाई, लंबाई और अवशोषण क्षमता वाले पैड को चुनें। एक सैनिटरी नैपकिन का इस्तेमाल करना आसान है। आपको निम्न कदमों को जानना आवश्यक हैः

  • पैड के पीछे के कागज़ को हटाएँ और पैड को कैरी करे।
  • पैड को कचरे के डिब्बे में फेंकने से पहले उसे कागज़़ में लपेटें
  • पैड को शौचालय में न डालें क्योंकि इससे पैड नाली में फस जायेगा

बेहतर स्वास्थय के लिए पैड को प्रत्येक कुछ घंटों में बदलना चाहिए।डॉक्टर ज्योत्सना जैन ने बताया सैनेटरी पैड्स सर्जिकल कॉटन, आरामदायक, बैक्टीरिया और मॉइस्चर प्रूफ होने चाहिए लेकिन आर्थिक तंगी के चलते गरीब महिलाएं बाजार में उपलब्ध महंगे सैनटरी पैड्स को खरीदने में असमर्थ होती है और पुराने कपड़ों का इस्तेमाल करती है जिसके चलते उन्हें यूरीन इंफेक्शन की समस्या से जूझना पड़ता है। इन पैड्स के इस्तेमाल से महिलाओं को कैंसर, रेसेज, पीला-सफेद पानी, ज्यादा दिनों तक रक्तस्राव, मस्से, घाव, बच्चेदानी में सूजन और ओवरी कैंसर जैसी 20 तरह की बीमारियां होती है । सैनेटरी पैड्स के इस्तेमाल से हम शारीरिक रुप से स्वस्थ होंगे तभी जीवन के हर क्षेत्र में कामयाबी हासिल कर पायेंगे। इस मौके पर बेटियां फाउंडेशन की तरफ से राजेन्द्र प्रसाद जैन, प्रांजल जैन और अंकिता जैन भी मौजूद रहे।