देहरादून कांग्रेस ने फूंका मोदी का पुतला

जम्मू कश्मीर पर अभी भी राजनीती जारी है, विपक्ष लगातार जम्मू कश्मीर के हाल पर दुःख जता रहा है और सरकार पर इलज़ाम लगा रहा है. वहीं सरकार और जम्मू कश्मीर प्रशासन का कहना है की यहाँ के हालात अच्छे हैं. विपक्ष के सबसे बड़े नेता राहुल gandhi गाँधी और जम्मू कश्मीर के राज्यपाल के बीच ट्विटर पर इस पर काफी बहस भी हुई जिसके बाद सत्यपाल मलिक ने उन्हें जम्मू कश्मीर आने का न्योता भी भेजा था. राहुल gandhi इस न्योते के बाद जम्मू कश्मीर पहुंचे, उनके साथ 10 अन्य विपक्ष के नेता भी थे. राहुल gandhi और अन्य नेताओं को श्रीनगर एयरपोर्ट पर ही रोक दिया गया और वापस भेज दिया गया. जिसके बाद कांग्रेस ने पुरे देश में प्रदर्शन किया. एक बड़ा प्रदर्शन देहरादून में भी किया गया, जिसमे कांग्रेस के हजारों कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया. कांग्रेस ने मोदी मुर्दाबाद के नारे भी लगाए और प्रधानमंत्री का पुतला फूंका. कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना था की सत्यपाल मलिक ने पहले तो राहुल gandhi को बुलाया और उसके बाद जान कर उनके साथ बुरा वर्ताब किया. कार्यकर्ताओं ने कहा की जिस तरह से वहाँ की पुलिस ने कार्यवाही की वो वाकई निंदनीय थी, साथ ही साथ ये भी कहा की अगर जम्मू कश्मीर के हालात ठीक हैं तो फिर विपक्ष को जाने से रोका क्यों गया. देहरादून कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह की अगुवाई में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने इस जुलुस में सरकार के खिलाफ और भी कई गंभीर इलज़ाम लगाए. सरकार को तानाशाह बताते हुए कहा की सरकार देश के लोगों की फ़िक्र किए बिना कार्य कर रही है. उनका आरोप है की पत्रकारों को पीटा भी गया तथा रिपोर्टिंग करने की भी इज़ाज़त नहीं दी. जम्मू कश्मीर गये विपक्षी दल में कांग्रेस के गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा और के. सी. वेणुगोपाल, माकपा नेता सीताराम येचुरी, तिरुची शिवा (द्रमुक), शरद यादव (एलजेडी), दिनेश त्रिवेदी (तृणमूल कांग्रेस), डी राजा (भाकपा), मजीद मेनन (राकांपा), मनोज झा (राजद) और जद (एस) के कुपेन्द्र रेड्डी थे.