इंडिया ने वेस्ट इंडीज तो इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया को हराया

अजिंक्य रहाणे के जोरदार शतक के बाद तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की कातिल गेंदबाजी ने पहले टेस्ट में वेस्टइंडीज को 318 रन के बड़े अंतर से धूल चटा दी। मेजबान टीम के बल्लेबाज बुमराह की स्विंग लेती गेंदों पर घुटने टेकते चले गए और चाय काल के बाद पूरी टीम महज 100 रन पर सिमट गई। दुनिया के दिग्गज गेंदबाज बुमराह ने 8 ओवर में 4 मेडन डाले और महज 7 रन देकर 5 विकेट झटक डाले। विदेशी धरती पर रनों के मामले में भारत की यह सबसे बड़ी जीत है।इसके साथ ही भारत ने टेस्ट चैंपियनशिप में अपनी शुरुआत जीत के साथ की है।

इस मैच में अजिंक्य रहाने ने सबसे ज्यादा रन बनाए, उन्होंने पहली पारी में 81 और दूसरी पारी में 102 रन बनाए. वहीं पहली पारी में इशांत शर्मा ने 5 तो दूसरी पारी में बुमराह ने 5 विकट झटके.

इस जीत के साथ ही कई रिकॉर्ड भी बने जैसे की भारत की ये जीत,

विदेशी धरती पर सबसे बड़ी जीत है

भारत की ओवरऑल यह चौथी सबसे बड़ी जीत है। लेकिन, विदेशी धरती पर यह सबसे बड़ी जीत है। भारत ने 2015-16 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 337 रनों की सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी। इससे पहले भारत ने श्रीलंका पर 304 रनों की जीत दर्ज की थी।

बुमराह के सबसे तेज 50 विकेट 

अपने 11वें टेस्ट में बुमराह ने चौथी पर 5 विकेट झटकते हुए भारत की तरफ से सबसे तेज 50 विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए।

गांगुली, धोनी से आगे निकले विराट कोहली 

विराट कोहली ने विदेशी धरती पर 12वीं टेस्ट जीत हासिल की। उन्होंने विदेशी जमीन पर सौरभ गांगुली के सबसे सफल भारतीय कप्तान होने के रेकॉर्ड को तोड़ दिया। गांगुली ने 28 टेस्ट मैचों में 11 जीत हासिल की थी, जबकि कोहली ने 26 में ही उन्हें पीछे छोड़ दिया। इसके साथ ही उन्होंने महेंद्र सिंह धोनी के सबसे सफल भारतीय कप्तान होने के रेकॉर्ड की भी बराबरी कर ली। धोनी ने 60 टेस्ट मैचों में 27 जीत हासिल की थी। कोहली ने 47वें टेस्ट में ही उनकी बराबरी कर ली।

इंग्लैंड ने सीरीज में की बराबरी, बेन स्टोक्स ने खेली धमाकेदार पारी

कल एक और रोमाचंक मुकाबला हुआ ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच एशेज का तीसरा टेस्ट मैच. बेन स्टोक्स की शानदार बल्लेबाजी ने हारे हुए मुकाबले को जीत लिया. इस जीत के साथ ही इंग्लैंड ने 5 टेस्ट मैचों की सीरीज में बराबरी कर ली है. पहला मैच ऑस्ट्रेलिया जीता था, दूसरा मैच ड्रा रहा वहीं तीसरे मैच को इंगलैंड ने जीत लिया. एक वक़्त इंग्लैंड के नौ विकट गिर गए थे और अभी जीत के लिए 73 रन चाहिए थे. इस वक़्त शायद ही कोई इंग्लैंड को जीत का दावेदार मान रहा होगा। पर यह क्रिकेट और सही मायनों में टेस्ट क्रिकेट की खूबसूरती है। लॉर्ड्स के मैदान पर इंग्लैंड के लिए वर्ल्ड कप के हीरो साबित हुए बेन स्टोक्स ने लीड्स पर उसे एशेज सीरीज के तीसरे टेस्ट में एक विकेट से रोमांचक जीत दिला दी. स्टोक्स ने नाबाद 135 रन बनाए.

बने कई रिकार्ड्स

इस मैच में इंग्लैंड ने एक शर्मनाक तो एक गर्व करने बनाना रिकॉर्ड बनाया.  ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी में 179 रन के जवाब में इंग्लैंड की पहली पारी मात्र 67 रन पर सिमट गई थी। जो पिछले 71 साल में एशेज में उसका न्यूनतम स्कोर है. इस मैच में इंग्लैंड ने एक शर्मनाक तो एक गर्व करने बनाना रिकॉर्ड बनाया.

वहीं इस जीत ने इंग्लैंड का 91 साल पुराना रेकॉर्ड तोड़ दिया। यह चौथी पारी में रनों का पीछा करते हुए जीत हासिल करने का इंग्लैंड का सबसे बड़ा स्कोर बन गया। इससे पहले 1928/29 की एशेज सीरीज में उसने मेलबर्न में रनों का पीछा करते हुए सात विकेट पर 332 रन बनाकर जीत हासिल की थी।