आपातकाल: राजनीतिक हितों के लिए हुई थी लोकतंत्र की हत्या- शाह 

25 जून 2019 को यानी आज इमरजेंसी के 44 साल पूरे हो गये हैं।  इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी है और कांग्रेस आड़े हाथ लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक वीडियो क्लिप डालकर इमरजेंसी को याद किया तो वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने लिखा कि आज ही के दिन राजनीतिक हितों के लिए लोकतंत्र की हत्या कर दी गई थी।  केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी ट्वीट कर लिखा कि इस दिन को देश संस्थानों की अखंडता बनाएर रखने के तौर पर याद रखे।

क्या बोलें अमित शाह 

अमित शाह ने इसे लोकतंत्र की हत्या का दिन करार दिया है। गृहमंत्री अमित शाह ने ट्वीट किया कि 1975 में आज ही के दिन मात्र अपने राजनीतिक हितों के लिए देश के लोकतंत्र की हत्या की गयी थी। देशवासियों से उनके मूलभूत अधिकार छीनने का काम किया गया था, अखबारों पर ताले लगा दिये गये थे। लाखों राष्ट्रभक्तों ने लोकतंत्र को पुनर्स्थापित करने के लिए अनेकों यातनाएं सहीं। मैं उन सभी सेनानियों को नमन करता हूं।

ममता ने पीएम मोदी पर साधा निशाना 

इधरइन सब के बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पीएम मोदी पर नि शाना साधा है और कहा है कि, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ट्वीट किया कि आज 1975 में लागू की गई इमरजेंसी की सालगिरह है। लेकिन पिछले पांच साल में देश सुपर इमरजेंसी से गुजरा है। हमें अपने इतिहास से सबक जरूर लेना चाहिए और देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं की सुरक्षा के लिए लड़ना चाहिए। मोदी सरकार और ममता बनर्जी के बीच पिछले पांच साल में कई तरह के टकराव देखने को मिले है। उन्होंने प्रधानमंत्री के शपथ ग्रहण में आने से मना कर दिया था, नीति आयोग की बैठक में भी आने से इनकार कर दिया था। साफ है कि इमरजेंसी के बहाने एक बार फिर उन्होंने मोदी सरकार पर निशाना साधा है।

 

आपको बता दें कि आज ही के दिन 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने आपातकाल का ऐलान किया था जो 21 मार्च 1977 तक चला था।  पीएम मोदी ने अपने ट्विटर वॉल पर लिखा कि भारत उन सभी महान लोगों को सलाम करता है जिन्होंने आपातकाल का जमकर विरोध किया। इसके साथ ही उन्होंने एक विडियो क्लिप शेयर कर इमरजेंसी को याद किया।