हंगामे के बाद सख्त हुआ उत्तराखंड हाईकोर्ट

बेटी की शादी के लिए कोई जमीन बेच कर पैसा इक्कठा करता है तो कोई पैसे ना होने की वजह से अपनी जान दे देता है. अगर किसी गरीब ने पूरी जिंदगी मेहनत करके पैसे जमा कर लिए तो शादी के वक़्त बहुत सारी और समस्या आती है, जैसे की वहाँ के प्रशासन से मंजूरी लेना इत्यादि. ऊपर से अगर आप किसी सरकारी जगह पर ये शादी करना चाहते हो तो फिर शायद ये इसकी मंजूरी आपको मिल पाए. ये भारत की असली सच्चाई है, परन्तु वहीं अगर किसी अमीर व्यक्ति को अगर संसद में भी शादी करनी हो तो अनुमति लेना उसके लिए बेहद आसान काम है. गरीब जनता को सड़क किनारे रेहड़ी लगाने की अनुमति नहीं मिलती जिस देश में वहां लोगों को 200 हेलीकॉप्टर लैंडिंग की इज़ाज़त दो मिनट में मिल जाती है. दरअसल साउथ अफ्रीका में रहने वाले भारतीय मूल के गुप्ता ब्रदर्स के बेटों की शादी उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध हिम क्रीड़ा स्थल औली में होनी है. इसके लिए 200 करोड़ का बजट तय हुआ है. बताया जा रहा है की गुप्ता ब्रदर्स मुख्यमंत्री के करीबी हैं इसलिए उन्हें सारी इज़ाज़त तुरंत मिल गयी. वैसे उत्तराखंड में अगर किसी स्थानीय को एक छोटा सा होटल भी खोलना हो तो नीचे के अधिकारीयों से लेकर ऊपर के अधिकारीयों तक चप्पलें खिसनी पड़ती है, परन्तु गुप्ता जी को आने तक ज़रूरत नहीं पड़ी. प्रकति  साथ खिलवाड़ की अनुमति  तुरंत दी गयी गुप्ता ब्रदर्स को, एसी टेंट और हेलिकॉप्टर आने की अनुमति, सब मिल गयी उन्हें.  वैसे आप सब गुप्ता ब्रदर्स को तो जानते ही होंगे अगर नहीं जानते हो  हम बताते है की आखिर कौन है गुप्ता ब्रदर्स.

गुप्ता ब्रदर्स

ये गुप्ता बंधु रहने वाले पश्चिमी यूपी के सहारनपुर के हैं. इनके नाम हैं अजय गुप्ता, अतुल गुप्ता और राजेश उर्फ टोनी गुप्ता. ये लोग कारोबार के लिए 1994 में दक्षिण अफ्रीका गए. वहां पर उन्होंने सत्ता और अधिकारियों के साथ ऐसा गठजोड़ कायम किया कि दक्षिण अफ्रीका का राष्ट्रपति भी उनकी जेब में रहने लगा. इनके बारे में 2016 में खबर आई थी कि अतुल गुप्ता दक्षिण अफ्रीका के सबसे अमीर अश्वेत बन गए थे. तब उनकी संपत्ति करीब 55 अरब रुपये बताई जा रही थी. ये बस एक भाई की दौलत है. बाकी दोनों भाइयों का अलग है. मगर संडे टाइम्स का ये अनुमान शायद बहुत कम है. आसार ये हैं कि गुप्ताओं के पास इससे कहीं ज्यादा दौलत है. वैसे एक पहचान और है इनकी, ये गुप्ता ब्रदर्स उत्तराखंड मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के करीबी भी हैं.

अब इन्हीं गुप्ता बंधुओं में से अजय गुप्ता और अतुल गुप्ता की शादी उत्तराखंड के औली में होने जा रही है. पहली शादी अजय गुप्ता के बेटे सूर्यकांत की है, जो 18-20 जून के बीच होगी. अतुल गुप्ता के बेटे शशांक की शादी 20-22 जून को होगी. सूर्यकांत की शादी हीरा कारोबारी सुरेश सिंघल की बेटी कृतिका सिंघल और शशांक की शादी दुबई के कारोबारी विशाल जलान की बेटी शिवांगी जलान से होने वाली है. इस शादी में करीब पांच करोड़ रुपये के फूल स्विटजरलैंड से मंगााए गए हैं. वहीं दिल्ली से मेहमानों को औली तक लाने-ले जाने के लिए करीब 200 हेलिकॉप्टर किराए पर लिए गए हैं. इस शादी के लिए 100 पंडित बुक किए गए हैं. शादी का कार्ड चांदी से बना है, जिसका वजन करीब साढ़े 4 किलो है. इस पूरी शादी पर करीब 200 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है.

हंगामे के बाद सख्त हुआ हाईकोर्ट

देर से ही सही आखिरकर हंगामे के बाद एक्शन में आया उत्तराखंड हाईकोर्ट. उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध हिम क्रीड़ा स्थल औली में कथित 200 करोड़ रुपये के खर्च से हो रही हाई प्रोफाइल शादी के पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई है. अदालत ने विवाह में शामिल पक्षकारों को वहां सफाई किए जाने और पर्यावरण को होने वाली संभावित हानि की भरपाई के लिए पांच करोड़ रुपये जमा करने के निर्देश देते हुए औली में हेलीकॉप्टर की लैंडिंग पर रोक लगा दी. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को विवाह पर नजर रखने और पर्यावरण हानि पर 18 जून को रिपोर्ट देने को कहा है.

सुनवाई करते हुए न्यायालय ने सरकार और बचाव पक्ष से कहा कि अगर सफाई के लिए रुपये जमा नहीं हुए तो औली में शादी की अनुमति पर विचार करना पड़ेगा. कोर्ट ने सरकार से पूछा कि क्या औली में पहले भी इस तरह के समारोह हुए हैं,  वहां  हेलीपैड पहले से है या नहीं? कोर्ट ने सरकार से यह भी पूछा कि क्या औली बुग्यालों में है और वहां शादी करने की अनुमति किसने दी?
कोर्ट ने कहा कि यदि औली बुग्यालों में आता है तो वहां विवाह समारोह की अनुमति देना कोर्ट के पूर्व में पारित उस आदेश की अवमानना है, जिसमें वहां विभिन्न गतिविधियों पर रोक लगाई गई थी. उच्च हिमालयी क्षेत्र में भी यह रोक लागू होती है.

उमा भारती ने ट्वीट कर जताया विरोध

बीजेपी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने ट्विटर पर एक के बाद एक लगातार 13 ट्वीट किए हैं.  उमा भारती ने ट्विटर पर लिखा है कि शादी में इस तरह के खर्चों की वजह से ही माओवाद और नक्सलवाद पैदा हुआ है. बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ आंदोलन की सफलता के लिए देश में ऐसी शादियों पर रोक लगनी चाहिए. ये शादी गरीबों का अपमान है.

सरकार का तर्क की इस शादी से बढेगा उत्तराखंड का पर्यटन

सरकार का तर्क है की इस शादी से उत्तराखंड को बहुत फायदा होगा, यहाँ का पर्यटन इससे बढेगा, लोगों को रोजगार मिलेगा. परन्तु सरकार के इस बेतुके तर्क की हकीकत जनता जानती है, सिर्फ चार दिन की शादी है, इससे पता नहीं कितनों को रोजगार मिल जाएगा, और दूसरी बात की शादी का इंतजाम तक करने वाले सब बाहरी हैं, फूल तक विदेश से मंगवाए गए हैं इस शादी में. इस शादी के बाद उत्तराखंड का पर्यटन खत्म होगा, वहाँ की खूबसूरती और जलवायु दोनों पर इसका नकरात्मक प्रभाव पड़ेगा. सरकार अपनी गलती और अपने निजी संबंधो के कारण उत्तराखंड का नुकसान करने पर आमादा है. इन कुतर्कों के जरिए सरकार बस अपनी गलती छुपा रही है.

बता दें कि गुप्ता बंधुओं के परिवार के लोगों के साथ दोनों बेटे भी औली पहुंच चुके हैं. मेहमानों के लिए यहां 200 हेलीकॉप्टर लैंड होने की बात कही जा रही थी. मंगलवार से यहां शादी के कार्यक्रम शुरू हो जाएंगे. दोनों बेटों की शादी में जागर सम्राट प्रीतम भरतवाण के जागरों की भी धूम रही.

उद्योग विभाग की ओर से स्थानीय उत्पादों के स्टॉल लगाए जाएंगे. औली में 18 से 22 जून तक आयोजित होने वाले गुप्ता बंधुओं के शादी समारोह से पूर्व 17 जून को आयोजकों की ओर से स्थानीय लोगों के लिये भोज का आयोजन किया गया.